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अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज चंडीगढ़ पुलिस की स्थापना के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया और मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ पुलिस के राष्ट्रपति पुरस्कार समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री…

अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज चंडीगढ़ पुलिस की स्थापना के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया और मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ पुलिस के राष्ट्रपति पुरस्कार समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित किया जाना बल की छह दशकों की सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की मान्यता है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य के पथ पर सर्वोच्च बलिदान देना किसी भी शहीद के लिए गर्व की बात है और उस संगठन के लिए भी गर्व की बात है जिससे कर्मी जुड़े हैं। श्री अमित शाह ने कहा कि 1966 से लेकर आज तक, चंडीगढ़ पुलिस ने इस उल्लेखनीय शहर की सुरक्षा के लिए लगातार अथक प्रयास किया है, जिससे इसके इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखा गया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज चंडीगढ़ पुलिस के बेड़े में 141 नई गाड़ियां शामिल हो रही हैं। इससे तीव्र प्रतिक्रिया, गहन गश्त, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और आधुनिक पुलिसिंग को काफी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस वर्तमान में रिस्पांस टाइम के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है और 141 नए वाहनों के साथ, यह देशभर में पहले स्थान पर होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति सम्मान किसी बल को उसके कर्मियों के अनुशासन और समर्पण को ध्यान में रखते हुए 15 साल से अधिक की सेवा की मान्यता में प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले 60 वर्षों में, चंडीगढ़ पुलिस ने उत्तरी क्षेत्र के केंद्र में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में सेवा करते हुए, पूरे देश की सुरक्षा की दिशा में सफलतापूर्वक काम किया है। श्री अमित शाह ने कहा कि शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित चंडीगढ़ को भारत के सबसे सुव्यवस्थित शहरों में से एक माना जाता है। हालाँकि, जब देश ने आतंकवाद का दौर देखा, तो चंडीगढ़ भी इससे नहीं बचा। उस अवधि के दौरान, चंडीगढ़ पुलिस ने असाधारण वीरता और साहस का प्रदर्शन किया और अपनी बहादुरी, सेवा और सुशासन की भावना के माध्यम से न केवल चंडीगढ़ बल्कि पूरे क्षेत्र को आतंकवाद से बचाने का काम किया।

श्री अमित शाह ने कहा कि 1 नवंबर, 1966 को चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया और दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी के रूप में नामित किया गया। हरियाणा पुलिस और पंजाब पुलिस के साथ निकटता से समन्वय करते हुए, चंडीगढ़ पुलिस ने ट्राई-सिटी क्षेत्र को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया है। उन्होंने कहा कि 6,000 से अधिक कर्मियों वाले पुलिस बल ने अपने अपराध विंग, ऑपरेशंस सेल, सुरक्षा विंग, ट्रैफिक पुलिस और पीसीआर इकाइयों द्वारा कर्तव्यों के अनुकरणीय निर्वहन के माध्यम से देश भर में मानक स्थापित किए हैं। श्री शाह ने कहा, चंडीगढ़ ने उस न्याय प्रणाली को बदल दिया है जो कभी "तारीख पर तारीख" के लिए कुख्यात थी, 85% सजा दर और केवल 140 दिनों के औसत मामले के निपटान का समय हासिल किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे देश में पुलिसिंग मुख्य रूप से आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर अपराध से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित रही है। हालाँकि, नागरिकों के लिए सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाना भी पुलिस की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपने बीट पुलिसिंग ऐप और इस मॉडल के माध्यम से, चंडीगढ़ पुलिस ने जमीन पर एक उत्कृष्ट प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि नागरिकों को अपनी जरूरतों के लिए पुलिस स्टेशनों का दौरा नहीं करना पड़ेगा। श्री अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ में प्रति व्यक्ति वाहनों की संख्या देश में सबसे अधिक है, फिर भी शहर को यातायात जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है

श्री अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस का त्वरित प्रतिक्रिया समय (क्यूआरटी) 10 मिनट है, जबकि किसी स्थान पर पहुंचने में पुलिस को औसत समय 4 मिनट लगता है। चंडीगढ़ 2015 के बाद बीट पुलिसिंग प्रणाली शुरू करने वाला पहला राज्य था। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चंडीगढ़ में तीन नए आपराधिक कानून भी पेश किए गए थे, जो अंग्रेजों द्वारा बनाए गए तीन दंडात्मक कानूनों से देश के संक्रमण को चिह्नित करते थे। श्री शाह ने कहा कि अब जब हमने नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है तो चंडीगढ़ नशा मुक्त होने वाला देश का पहला शहर होगा। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के बाद, चंडीगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस मामलों में सजा दर में वृद्धि की है, 93 प्रतिशत आरोपी व्यक्तियों की सजा सुनिश्चित की है और उन्हें जेल भेजा है। नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ यह अभियान चंडीगढ़ पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 4 अगस्त 2024 से अब तक चंडीगढ़ में 8,206 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 7,590 मामलों में चंडीगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन आरोप पत्र दायर किया है। पुलिस ने सजा दर में सुधार करके 85 प्रतिशत मामलों में सजा सुनिश्चित की है। श्री अमित शाह ने कहा कि यह देश भर के सभी पुलिस बलों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करता है, जो दर्शाता है कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन से 85 प्रतिशत अपराधियों की सजा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पुराने कानूनों के कारण पुलिस सेवाओं ने नकारात्मक प्रतिष्ठा अर्जित की है, जिसके तहत लोग अक्सर पीढ़ियों तक न्याय से वंचित रहते थे। आज, 85 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर के साथ, चंडीगढ़ ने आरोपी व्यक्तियों की दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए औसतन केवल 140 दिनों का समय हासिल किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने चंडीगढ़ को 2152 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस ने ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में कुल 145 पदक जीते हैं, जिनमें 35 स्वर्ण, 38 रजत और 72 कांस्य पदक शामिल हैं। श्री अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस अपने कर्मियों के लिए कल्याणकारी कदम उठाने में भी सबसे आगे है। विधवा पुलिस कर्मियों के 130 परिवारों को प्रति माह ₹8,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। लगभग ₹2.25 करोड़ की शैक्षिक और खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि 2026 में 154 नए वाहन बल में शामिल किए गए, जबकि आवास संतुष्टि दर 48 प्रतिशत है।

स्रोत: Maverick News30

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